Skip to content
Breaking
PRACHAND SAMAY AUGUST 15Epaper july 19कांग्रेस सरकार की नीतियों ने हिमाचल के औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को किया बर्बाद : डॉ. सिकंदर कुमार23 संपर्क मार्गों को मिली मंजूरी, सदर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिलेगी नई रफ्तारसुक्खू सरकार ने युवाओं का भविष्य छीना, भर्ती प्रक्रिया को बनाया भाई-भतीजावाद और बैकडोर एंट्री का माध्यम : डॉ. राजीव बिंदलसी-बकथोर्न बन सकता है लद्दाख की अर्थव्यवस्था की रीढ़ -डॉ0 तंवरस्वाद का नया धमाका,कीव वोडका ने लॉन्च किए मिंटी जामुन और मैंगो चिली के नए फ्लेवर**झूठ, भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग कांग्रेस सरकार की पहचान, भाजपा लाएगी हर घोटाले की चार्जशीट : राकेश जमवाल* PRACHAND SAMAY AUGUST 15Epaper july 19कांग्रेस सरकार की नीतियों ने हिमाचल के औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को किया बर्बाद : डॉ. सिकंदर कुमार23 संपर्क मार्गों को मिली मंजूरी, सदर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिलेगी नई रफ्तारसुक्खू सरकार ने युवाओं का भविष्य छीना, भर्ती प्रक्रिया को बनाया भाई-भतीजावाद और बैकडोर एंट्री का माध्यम : डॉ. राजीव बिंदलसी-बकथोर्न बन सकता है लद्दाख की अर्थव्यवस्था की रीढ़ -डॉ0 तंवरस्वाद का नया धमाका,कीव वोडका ने लॉन्च किए मिंटी जामुन और मैंगो चिली के नए फ्लेवर**झूठ, भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग कांग्रेस सरकार की पहचान, भाजपा लाएगी हर घोटाले की चार्जशीट : राकेश जमवाल* 

जींद,चंडीगढ़ और जालंधर में सियासी समीकरणों की साधना कर लौटेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

admin July 16, 2026 1 min read
जींद,चंडीगढ़ और जालंधर में सियासी समीकरणों की साधना कर लौटेंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
        राजेंद्र सिंह जादौन
चंडीगढ़,16जुलाई।रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा के जींद,केंद्र शासित चंडीगढ़ और पंजाब के जालंधर के आसमान से जमीन पर उतरेंगे। मोदी सियासी समीकरणों की साधना कर दिल्ली लौटेंगे।विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास तो इस सियासी एजेंडे में आ जुड़ा है।असलियत में वे सरकारी दौरे की शक्ल में अपना सियासी एजेंडा लेकर आ रहे है।जींद में हाइड्रोजन सैल ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद करीब 4700करोड़ रु की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।मोदी का यह सियासी दौरा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब में अगले साल ही विधानसभा चुनाव है और भाजपा वहां स्वतंत्र रूप से सत्ता हासिल करने के लिए भरसक प्रयास कर रही है।
     प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह पंजाब दौरे 5 महीने बाद हो रहा है जींद में शुक्रवार सुबह हाइड्रोजन ट्रेन को ग्रीन सिग्नल दिखाने के बाद विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास के बाद चंडीगढ़ में मोदी दोपहर करीब सवा 1 बजे आएंगे। वे यहां 2 करोड़ रुपए के वातानुकूलित टेंट में रैली करेंगे। वे यहां 45 मिनट रुकेंगे। इसके बाद जालंधर में उनके 4 कार्यक्रम हैं। पंजाब के गवर्नर एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया है। यहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था एवं पूरे पंडाल की जानकारी प्रशासन से ली है। सरकारी एजेंडे में पंजाब में विकास परियोजनाओं का उद्घाटन है लेकिन यह सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं रहने वाला। इसकी वजह भी है। पहले फरवरी में डेरा सचखंड बल्लां और अब जालंधर में जनसभा, के आयोजन से साफ है कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए दलित लैंड दोआबा को लॉन्च पैड बना रही है। ऐसे समय जब कांग्रेस अंदरूनी खींचतान से जूझ रही है, आम आदमी पार्टी सरकार विपक्ष के निशाने पर है और भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव की बिसात बिछाने में जुटी है। प्रधानमंत्री का यह दौरा कई राजनीतिक संकेत दे रहा है। फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी ने डेरा सचखंड बल्लां के मुखी संत निरंजन सिंह के पैर छुए थे। यह पहला मौका था जब 75 साल के इतिहास में कोई प्रधानमंत्री डेरा सचखंड बल्लां पहुंचा हो।
प्रधानमंत्री का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब चुनाव में 7 महीने का समय बचा है। कांग्रेस हाईकमान अभी तक नेतृत्व और संगठन को लेकर स्पष्ट नहीं कर पा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और प्रदेश प्रधान राजा वड़िंग का गुट आमने-सामने है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी सरकार कानून-व्यवस्था, नशे, उद्योगों के पलायन और वित्तीय स्थिति जैसे मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर है। मोदी और भाजपा इसी राजनीतिक माहौल को अवसर के रूप में देख रही है।
    चंडीगढ़ और पंजाब में प्रधानमंत्री जिन प्रोजेक्टों का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। भाजपा इन्हें यह संदेश देने के लिए  इस्तेमाल करेगी कि राज्य में उसकी सरकार नहीं होने के बावजूद केंद्र लगातार निवेश कर रहा है। पार्टी लंबे समय से ‘डबल इंजन सरकार’ के मॉडल को चुनावी मुद्दा बनाती रही है।
 इस पूरे दौरे का सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत तलाशा जाए तो वह जालंधर है। दोआबा पंजाब का वह इलाका है जहां राज्य की सबसे बड़ी दलित आबादी रहती है। जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और नवांशहर लंबे समय से हर राजनीतिक दल के लिए निर्णायक क्षेत्र रहे हैं। भाजपा पिछले कुछ वर्षों से यहां लगातार सक्रिय है। प्रधानमंत्री का जालंधर आना, रेलवे स्टेशन का उद्घाटन करना और श्री संत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाना केवल विकास कार्यक्रम नहीं माना जा रहा। राजनीतिक जानकार इसे रविदासिया समाज और दलित मतदाताओं तक विशेष संदेश पहुंचाने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं।पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा 117 में से 2 ही सीटें जीत पाई थी। यही वजह है कि भाजपा ने रणनीति बदलते हुए अब फोकस इस पर शिफ्ट किया कि वह पंजाब की राजनीति में केवल सहयोगी दल नहीं, बल्कि सत्ता की दावेदार के रूप में खुद को तैयार कर रही है। इसलिए इस दौरे का वास्तविक असर प्रधानमंत्री के भाषण और उसके बाद भाजपा की राजनीतिक गतिविधियों से तय होगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पंजाब दौरे के लिए जालंधर को चुना है। पहली नजर में यह अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित रेलवे स्टेशन के उद्घाटन का कार्यक्रम लगता है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसके पीछे चुनावी गणित भी है। जालंधर केवल एक शहर नहीं, बल्कि 23 सीटों वाले दोआबा की राजनीति का केंद्र है। जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) वाला यह इलाका लंबे समय से पंजाब की चुनावी दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता रहा है। राज्य की करीब 32 प्रतिशत अनुसूचित जाति आबादी में बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र में रहता है। कई विधानसभा सीटों पर दलित मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं। यही कारण है कि कांग्रेस, अकाली दल, आम आदमी पार्टी और अब भाजपा- सभी की नजर दोआबा पर रहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि वह सिर्फ शहरी या पारंपरिक वोट बैंक तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पंजाब के नए सामाजिक समीकरणों में अपनी जगह बना रही है।प्रधानमंत्री जालंधर से अमृतसर (छेहर्टा) से वाराणसी जाने वाली नई श्री संत रविदास एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। सरकारी तौर पर इसका उद्देश्य धार्मिक और यात्री सुविधा बढ़ाना है, लेकिन राजनीतिक रूप से इसका महत्व भी कम नहीं माना जा रहा। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है, जबकि संत रविदास का दोआबा और रविदासिया समाज में विशेष सम्मान है। ऐसे में यह पहल भाजपा के लिए सांस्कृतिक और राजनीतिक, दोनों स्तरों पर संदेश देने का माध्यम बन सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के  जींद दौरे से कुछ घंटे पहले उनका रास्ता बदल दिया गया है। अब उनका चॉपर सीधे जींद रेलवे स्टेशन के पास रामलीला ग्राउंड में उतरेगा। जहां देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। पहले उन्हें शहर के बीच से होकर रैली स्थल तक जाना था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *