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हिमाचल निकाय चुनाव, मुख्यमंत्री की पत्नी की जलवा और उप मुख्यमंत्री का गढ़ फिसला

admin May 17, 2026 1 min read
हिमाचल निकाय चुनाव: सुक्खू की पत्नी के हल्के में कांग्रेस का परचम, मुकेश अग्निहोत्री के गढ़ में हारी कांग्रेस, मनाली में भाजपा का क्लीन स्वीप
हिमाचल प्रदेश के शहरी निकाय चुनावों में रविवार को कई राजनीतिक संदेश देने वाले नतीजे सामने आए। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की पत्नी कमलेश ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र देहरा में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नगर परिषद पर कब्जा जमाया, जबकि डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री के गृह क्षेत्र टाहलीवाल में कांग्रेस को हार झेलनी पड़ी। उधर पर्यटन नगरी मनाली में भाजपा ने सभी सात सीटें जीतकर कांग्रेस का पूरी तरह सूपड़ा साफ कर दिया।
प्रदेश के चार नगर निगम धर्मशाला, मंडी, सोलन और पालमपुर सहित 51 शहरी निकायों के लिए रविवार को मतदान हुआ। इनमें 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों में मतदान के बाद शाम पांच बजे से मतगणना शुरू हुई और कई स्थानों पर नतीजे घोषित कर दिए गए। वहीं चारों नगर निगमों की मतगणना 31 मई को होगी।
देहरा नगर परिषद में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने सात में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा को केवल दो सीटों से संतोष करना पड़ा। भाजपा समर्थित प्रत्याशी वार्ड नंबर 2 और 6 में जीत सके। इस जीत को मुख्यमंत्री सुक्खू के लिए राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।
कांगड़ा जिले की ज्वालामुखी नगर परिषद में भी कांग्रेस विधायक संजय रतन का प्रभाव साफ दिखाई दिया। नौ वार्डों में से कांग्रेस ने सात सीटों पर जीत हासिल की, जबकि भाजपा केवल दो सीटें जीत पाई। वार्ड नंबर 2 से कांग्रेस प्रत्याशी सोमेश कुमार पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके थे। सबसे दिलचस्प मुकाबला वार्ड नंबर 6 में देखने को मिला, जहां भाजपा की प्रीति सिहोल मात्र दो वोट से चुनाव हार गईं। वहीं विधायक संजय रतन के अपने वार्ड नंबर 1 में भाजपा प्रत्याशी कमला देवी हारने के बावजूद 335 वोट लेने में सफल रहीं, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी को 407 वोट मिले।
ऊना जिले की नगर पंचायत टाहलीवाल, जिसे डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री का गृह क्षेत्र माना जाता है, वहां भाजपा ने बढ़त बनाई। सात में से पांच सीटों पर भाजपा समर्थित प्रत्याशी जीते, जबकि कांग्रेस को दो सीटें मिलीं। इसी जिले की नगर पंचायत अम्ब में मुकाबला बेहद रोचक रहा। यहां पांच कांग्रेस समर्थित और चार भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे। वार्ड नंबर दो में दोनों दलों के प्रत्याशियों को बराबर वोट मिले, जिसके बाद टॉस के जरिए कांग्रेस समर्थित अनुसूया को विजेता घोषित किया गया।
ऊना जिले की नगर परिषद संतोषगढ़ में भाजपा ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया। यहां भाजपा समर्थित छह उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि कांग्रेस को तीन सीटें मिलीं।
कुल्लू जिले की नगर परिषद मनाली में भाजपा ने इतिहास रचते हुए सभी सात सीटों पर कब्जा कर लिया। यह पहला मौका माना जा रहा है जब नगर परिषद की सभी सीटें भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के खाते में गई हैं।
बिलासपुर जिले की हिमाचल प्रदेश की सबसे छोटी नगर परिषद श्री नैना देवी जी में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने पांच सीटें जीतकर परिषद पर कब्जा जमाया, जबकि कांग्रेस को दो सीटें मिलीं। वहीं झंडूता उपमंडल की नगर पंचायत तलाई में भी भाजपा ने सात में से पांच सीटों पर जीत दर्ज की और कांग्रेस को दो सीटों पर जीत मिली।
सिरमौर जिले में भी मिश्रित तस्वीर देखने को मिली। नगर पंचायत राजगढ़ में कांग्रेस ने सात में से पांच सीटें जीतकर बढ़त बनाई, जबकि नाहन नगर परिषद में भाजपा ने कब्जा जमाया। नाहन की 13 सीटों में से सात पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे।
कांगड़ा जिले की नगर परिषद नूरपुर में कांग्रेस को बहुमत मिला। यहां कांग्रेस समर्थित छह उम्मीदवार जीते, जबकि भाजपा को तीन सीटें मिलीं।
हमीरपुर जिले की नगर परिषद सुजानपुर में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला। यहां चार निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे, जबकि भाजपा समर्थित तीन और कांग्रेस समर्थित दो प्रत्याशी चुनाव जीते। ऐसे में परिषद की सत्ता की चाबी निर्दलीयों के हाथ में पहुंच गई है।
सोलन जिले की नगर परिषद परवाणू में मुकाबला कांटे का रहा। नौ में से आठ वार्डों के नतीजों में भाजपा और कांग्रेस दोनों के चार-चार प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि एक वार्ड में मुकाबला बराबरी पर छूट गया।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार प्रदेश में नगर निकाय चुनावों में करीब 69 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। जिला हमीरपुर में सबसे अधिक करीब 79 फीसदी मतदान हुआ, जबकि सोलन जिला सबसे पीछे रहा, जहां लगभग 64 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

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