Skip to content
Breaking
राजस्थान में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या, क्रशर विवाद में लाठी-पत्थरों से हमला PRACHAND SAMAY AUGUST 15Epaper july 19कांग्रेस सरकार की नीतियों ने हिमाचल के औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को किया बर्बाद : डॉ. सिकंदर कुमार23 संपर्क मार्गों को मिली मंजूरी, सदर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिलेगी नई रफ्तारसुक्खू सरकार ने युवाओं का भविष्य छीना, भर्ती प्रक्रिया को बनाया भाई-भतीजावाद और बैकडोर एंट्री का माध्यम : डॉ. राजीव बिंदलसी-बकथोर्न बन सकता है लद्दाख की अर्थव्यवस्था की रीढ़ -डॉ0 तंवरस्वाद का नया धमाका,कीव वोडका ने लॉन्च किए मिंटी जामुन और मैंगो चिली के नए फ्लेवरराजस्थान में भाजपा के पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना की पीट-पीटकर हत्या, क्रशर विवाद में लाठी-पत्थरों से हमला PRACHAND SAMAY AUGUST 15Epaper july 19कांग्रेस सरकार की नीतियों ने हिमाचल के औद्योगिक विकास और शिक्षा व्यवस्था दोनों को किया बर्बाद : डॉ. सिकंदर कुमार23 संपर्क मार्गों को मिली मंजूरी, सदर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को मिलेगी नई रफ्तारसुक्खू सरकार ने युवाओं का भविष्य छीना, भर्ती प्रक्रिया को बनाया भाई-भतीजावाद और बैकडोर एंट्री का माध्यम : डॉ. राजीव बिंदलसी-बकथोर्न बन सकता है लद्दाख की अर्थव्यवस्था की रीढ़ -डॉ0 तंवरस्वाद का नया धमाका,कीव वोडका ने लॉन्च किए मिंटी जामुन और मैंगो चिली के नए फ्लेवर

श्रमण संघीय संतों का विश्व शांति केंद्र में आगमन सौभाग्य का विषय- आचार्य लोकेश

admin July 16, 2026 1 min read

श्रमण संघीय संतों का विश्व शांति केंद्र में आगमन सौभाग्य का विषय- आचार्य लोकेश

 

आचार्य लोकेशजी ने अपने कार्यों से वैश्विक स्तर पर जैनधर्म व भारत देश का गौरव बढ़ाया-रचित मुनि

 

जैन धर्म शांति, अहिंसा, करुणा और मानवता पर आधारित जीवन-दर्शन है – आचार्य लोकेश

गुरुग्राम/नई दिल्ली, 16 जुलाई 2026, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक एवं विश्व शांतिदूत जैन आचार्य लोकेशजी के सान्निध्य में विश्व शांति केंद्र, सेक्टर-39, गुरुग्राम में आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला जब सेवा, साधना एवं आध्यात्मिक चेतना के संवाहक श्रमण संघीय जैन संतों का विश्व शांति केंद्र में मंगल आगमन हुआ।

मधुर वक्ता सेवा श्रमण श्री रचित मुनिजी, मधुर कंठी श्री तेजस मुनिजी। विद्याभिलाषी श्री नवनीत मुनिजी एवं श्री विनीत मुनिजी महाराज ठाणा-4 का आज प्रातः विश्व शांति केंद्र में आगमन हुआ इस अवसर पर आचार्य लोकेश जी के सान्निध्य में श्रद्धालुओं ने उनका भावभीना स्वागत – अभिनंदन किया।

विश्व शांतिदूत एवं अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेशजी ने आगंतुक संतों का स्वागत करते हुए कहा कि जैन धर्म केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि शांति, अहिंसा, करुणा और मानवता पर आधारित जीवन-दर्शन है। यह धर्म व्यक्ति को आत्मसंयम, सत्य, क्षमा, सह-अस्तित्व और सभी प्राणियों के प्रति सम्मान का मार्ग सिखाता है। आज जब विश्व हिंसा, संघर्ष, और वैमनस्य जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब भगवान महावीर के अहिंसा, अनेकांत और अपरिग्रह के सिद्धांत सम्पूर्ण मानवता के लिए सबसे प्रभावी समाधान प्रस्तुत करते हैं।

जैन आचार्य लोकेशजी ने कहा कि संतों का सान्निध्य समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। उनके विचार व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं। विश्व शांति केंद्र का उद्देश्य भी आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से विश्व में शांति, सद्भाव और मानवीय मूल्यों का प्रसार करना है।

इस अवसर पर आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन सभा में श्री रचित मुनिजी ने जैनधर्म के महान प्रभावक संत आचार्य लोकेशजी के मानवतावादी कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आचार्य लोकेशजी ने अपने कार्यों से वैश्विक स्तर पर जैनधर्म व भारत देश का गौरव बढ़ाया है।उन्होंने जैन धर्म के आत्मशुद्धि, संयम, सेवा, करुणा, अहिंसा और नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जीने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन एवं प्रवचन का लाभ लिया।अहिंसा विश्व भारती की ओर से श्री हितेश जैन ने सभी श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व शांति केंद्र में समय-समय पर ऐसे आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं जिनका उद्देश्य मानवीय मूल्यों, अहिंसा और विश्व शांति के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *